फरीदाबाद समाचार, फरीदाबाद ताजा खबर, Faridabad City News, Faridabad Hindi News
Live Hindustan Rss feed
Hindustan Times - india
World News Headlines, Latest International News, World Breaking News - Times of India
TOI
शहर के हर हिस्से में चलेंगी सिटी बसें
अच्छे पर्यावरण और लोगों को बेहतर ट्रांसपोर्ट सुविधा उपलब्ध करवाने के
लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत 90 सिटी बसें चलाई जाएंगी। इसको लेकर
स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने फरीदाबाद सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड
(एफसीटीएसएल) का प्रपोजल तैयार कर हरियाणा सरकार के पास अप्रूवल के लिए भेज
दिया है। इन 90 बसों में से 40 मेट्रो फीडर होंगी और 50 बसों को शहर के
अंदरूनी हिस्सों में चलाया जाएगा। इन सभी बसों के लिए शहर में 7 जगहों पर
टर्मिनल व डिपो भी तैयार किए जाएंगे।
एफसीटीएसएल की तरफ से तैयार डीपीआर पर नजर डाली जाए तो शहर के अंदर 90 मिडी बसें चलाई जाएंगी। ये सभी सीएनजी से चलेंगी और एसी लो फ्लोर होंगी। पीपीपी के तहत सभी बसों को चलाया जाएगा। इसके लिए एसपीवी (स्पेशल पर्पज विकल) बनाया गया है, जिसमें सभी विभाग के आला अधिकारियों को जोड़ा गया है। फरीदाबाद सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड का मुख्य उद्देश्य लोगों को बेहतर ट्रांसपोर्ट सुविधा देना और शहर को प्रदूषण से छुटकारा दिलाना है।
कैसे चलेंगी ये 90 बसें : स्मार्ट सिटी से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार इस प्रपोजल में 40 बसों को मेट्रो फीडर बसों के रूप में चलाया जाएगा, जो पूरी तरह से वातानुकूलित होंगी। ये बसें बल्लभगढ़, ग्रेटर फरीदाबाद, सराय, बड़खल, एनआईटी से मेट्रो स्टेशनों तक चलाई जाएंगी। दूसरी तरफ 50 बसें शहर के अंदरूनी हिस्से में चलाई जाएंगी। जो फरीदाबाद के एनआईटी, बल्लभगढ़, ओल्ड फरीदाबाद व ग्रेटर फरीदाबाद को आपस में जोड़ेंगी। पहले चरण में 2019 तक इन्हें चालू कर दिया जाएगा। पहले चरण में 2 डिपो, 2 टर्मिनल और 310 बस क्यू शेल्टर तैयार किए जाएंगे।
शुरू में मांगे 100 करोड़ रुपये : डीसी अतुल कुमार ने बताया कि फरीदाबाद सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (एफसीटीएसएल) को चलाने के लिए सरकार से 100 करोड़ रुपये मांगे हैं। जिसमें 38 करोड़ रुपये की लागत से 90 बसों को खरीदा जाएगा और 60 करोड़ रुपये की लागत से पहले चरण में दो डिपो, दो टर्मिनल तैयार किए जाएंगे। इन बसों का किराया भी ऑटो के बराबर ही होगा। सेकंड फेज में 207 बसों को सड़कों पर उतारा जाएगा, ये काम 2020 तक होगा।
यहां बनाए जाएंगे बस टर्मिनल और डिपो -
जगह टर्मिनल व डिपो एरिया (एकड़ में)
सेक्टर 30 टर्मिनल 2
सेक्टर 12 टर्मिनल और डिपो 5
सेक्टर 86 डिपो 4.3
सेक्टर 74 डिपो और सेंट्रल वर्कशॉप 15
सेक्टर 61 डिपो 5
बल्लभगढ़ टर्मिनल -
दशहरा ग्राउंड एनआईटी टर्मिनल 4
नवभारत टाइम्स | Updated:
एफसीटीएसएल की तरफ से तैयार डीपीआर पर नजर डाली जाए तो शहर के अंदर 90 मिडी बसें चलाई जाएंगी। ये सभी सीएनजी से चलेंगी और एसी लो फ्लोर होंगी। पीपीपी के तहत सभी बसों को चलाया जाएगा। इसके लिए एसपीवी (स्पेशल पर्पज विकल) बनाया गया है, जिसमें सभी विभाग के आला अधिकारियों को जोड़ा गया है। फरीदाबाद सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड का मुख्य उद्देश्य लोगों को बेहतर ट्रांसपोर्ट सुविधा देना और शहर को प्रदूषण से छुटकारा दिलाना है।
कैसे चलेंगी ये 90 बसें : स्मार्ट सिटी से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार इस प्रपोजल में 40 बसों को मेट्रो फीडर बसों के रूप में चलाया जाएगा, जो पूरी तरह से वातानुकूलित होंगी। ये बसें बल्लभगढ़, ग्रेटर फरीदाबाद, सराय, बड़खल, एनआईटी से मेट्रो स्टेशनों तक चलाई जाएंगी। दूसरी तरफ 50 बसें शहर के अंदरूनी हिस्से में चलाई जाएंगी। जो फरीदाबाद के एनआईटी, बल्लभगढ़, ओल्ड फरीदाबाद व ग्रेटर फरीदाबाद को आपस में जोड़ेंगी। पहले चरण में 2019 तक इन्हें चालू कर दिया जाएगा। पहले चरण में 2 डिपो, 2 टर्मिनल और 310 बस क्यू शेल्टर तैयार किए जाएंगे।
शुरू में मांगे 100 करोड़ रुपये : डीसी अतुल कुमार ने बताया कि फरीदाबाद सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (एफसीटीएसएल) को चलाने के लिए सरकार से 100 करोड़ रुपये मांगे हैं। जिसमें 38 करोड़ रुपये की लागत से 90 बसों को खरीदा जाएगा और 60 करोड़ रुपये की लागत से पहले चरण में दो डिपो, दो टर्मिनल तैयार किए जाएंगे। इन बसों का किराया भी ऑटो के बराबर ही होगा। सेकंड फेज में 207 बसों को सड़कों पर उतारा जाएगा, ये काम 2020 तक होगा।
यहां बनाए जाएंगे बस टर्मिनल और डिपो -
जगह टर्मिनल व डिपो एरिया (एकड़ में)
सेक्टर 30 टर्मिनल 2
सेक्टर 12 टर्मिनल और डिपो 5
सेक्टर 86 डिपो 4.3
सेक्टर 74 डिपो और सेंट्रल वर्कशॉप 15
सेक्टर 61 डिपो 5
बल्लभगढ़ टर्मिनल -
दशहरा ग्राउंड एनआईटी टर्मिनल 4
नवभारत टाइम्स | Updated:
फ्लाईओवर व अंडरपास के ताने-बाने संग आगे बढ़ रहा शहर
Connecting Noida Faridabad
Construction begins for manjhawali bridge in may 18.
दिल्ली-आगरा नैशनल हाइवे सिक्स लेन प्रॉजेक्ट के तहत बाटा चौक, अजरौंदा
चौक, ओल्ड फरीदाबाद चौक, बड़खल चौक, एनएचपीसी चौक और बल्लभगढ़ में बने
फ्लाईओवर के साथ मेवला महाराजपुर में बन रहे अंडरपास का निर्माण पूरा हो
गया है, जिसे आम लोगों के लिए शुरू कर दिया गया है। अभी बदरपुर बॉर्डर से
बल्लभगढ़ के बीच केवल वाईएमसीए पर अंडरपास का काम पूरा होना रह गया है। इस
पॉइंट को छोड़कर बदरपुर बॉर्डर से बल्लभगढ़ तक नैशनल हाइवे पूरी तरह से जाम
फ्री हो गया है। पहले बदरपुर बॉर्डर से बल्लभगढ़ तक जाने में जहां 40 से
45 मिनट तक का समय लग जाता था, वह दूरी अब मात्र 10 से 15 मिनट की रह गई
है।
हाइवे पर एफओबी की संख्या होगी 19
हाइवे पर एफओबी बनाने के लिए एनएचएआई ने 7 जगह को चिह्नित कर काम शुरू कर दिया है। इसमें सेक्टर 29 टाटा शोरूम के पास, सेक्टर 19 में डीपीएस के पास, सेक्टर 16 में मैगपाई रिसॉर्ट के पास, सेक्टर 12 में हनुमान मंदिर के पास, बल्लभगढ़ अनाज मंडी के सामने, जेसीबी कंपनी के पास और सिकरी में गांव प्याला के लिए जाने वाले रास्ते शामिल हैं। एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर मोहम्मद शफी के अनुसार अगले 6 महीने मे इन फुट ओवरब्रिजों को तैयार कर लिया जाएगा। अभी एनएचएआई ने हाइवे पर सराय ख्वाजा में टोल प्लाजा के पास एक फुटओवर ब्रिज बनाया हुआ है। वहीं डीएमआरसी ने अपने सभी 9 मेट्रो स्टेशनों पर फुटओवर ब्रिज बनाए हुए हैं। मेट्रो स्टेशनों पर बने ये फुटओवर ब्रिज टिकट जोन से बाहर हैं और लोग इन्हें हाइवे पार करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा बल्लभगढ़ मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत भी गुड़ियर चौक और बल्लभगढ़ बस अड्डे के पास फुटओवर ब्रिज बनाए जा रहे हैं। इस तरह से हाइवे पर फुटओवर ब्रिजों की संख्या 19 हो जाएगी।
नैशनल हाइवे की तर्ज पर डिवेलप होगा बाईपास रोड
हूडा के बनाए सेक्टर 37 से 59 तक लगभग 26 किमी लंबे बाईपास रोड नहर पार बसे दर्जनों गांवों, कॉलोनियों, सेक्टरों व सोसायटियों के लिए लाइफ लाइन का काम करता है। सीएम मनोहर लाल ने बाईपास रोड को एनएचएआई को हैंडओवर करने की घोषणा की थी। हूडा ने इसके लिए रोड संबंधित सभी दस्तावेज एनएचएआई को सौंप दिए हैं। एनएचएआई द्वारा टेकओवर करने के बाद बाईपास रोड के चौराहों पर अंडरपास व फ्लाईओवर बनाकर इसका सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
बल्लभगढ़ तक पहुंचेगी मेट्रो
फरीदाबाद मेट्रो का विस्तार बल्लभगढ़ तक किया जा रहा है। बल्लभगढ़ तक मेट्रो के विस्तार में लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इस कॉरिडोर में दो मेट्रो स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिसमें एक एनसीबी कॉलोनी और दूसरा बल्लभगढ़ बस अड्डे में बन रहा है। कॉरिडोर का सिविल वर्क अंतिम चरण में है और ट्रैक बिछाने, बिजली की तार लगाने व सिग्नल का काम भी चल रहा है। मेट्रो स्टेशनों को हाइवे के दूसरी तरफ बनने वाली पार्किंग से जोड़ने के लिए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू हो जाएगा। इस प्रॉजेक्ट को पूरा करने के लिए डीएमआरसी ने सितंबर 2018 की डेडलाइन तय की हुई है।
ग्रेटर फरीदाबाद व सिकरी तक प्रस्तावित है मेट्रो
मास्टर प्लान 2031 में मेट्रो का विस्तार भी शामिल किया गया है। मास्टरप्लान के अनुसार मेट्रो का विस्तार बल्लभगढ़ से आगे सीकरी तक रखा गया है। वहीं ग्रेटर फरीदाबाद के 75 मीटर चौड़े मास्टर रोड के साथ सेक्टर 87, 88, 89, 84, 83, 78, 77, 72, 71 तक मेट्रो पहुंचाने की प्लानिंग शामिल है। इसके अलावा आईएमटी के सेक्टर 68, 67 और सेक्टर 66 को मेट्रो से जोड़ने का प्रस्ताव भी है। साथ ही यमुना नदी पर दो पुल बनाने का प्रस्ताव शामिल है, जिन्हें शहर से कनेक्ट करने के लिए 90 मीटर चौड़ी सड़कें बनाई जाएंगी। ये सड़कें सेक्टर 92 और 95 की आउटर रोड पर आकर कनेक्ट होंगी।
चंद मिनटों में होगा मंझावली पुल से ग्रेनो तक का सफर
नोएडा से फरीदाबाद को जोड़ने के लिए 24 किमी लंबी परियोजना पर काम होना है। 19 किमी सड़क हरियाणा और 5 किमी यूपी में बनाई जानी है। मंझावली में यमुना नदी पर 630 मीटर लंबा फोर लेन पुल बनना है। पुल के निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी ने 122.48 करोड़ रुपये के टेंडर जारी कर काम अलॉट कर दिया है। काम पूरा करने के लिए 15 महीने की समय सीमा तय की गई है। पुल बनने से ग्रेटर नोएडा व फरीदाबाद के बीच की दूरी चंद मिनटों की रह जाएगी।
फरीदाबाद को एनसीआर के कई शहरों से कनेक्ट करेगा केजीपी
कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेसवे (केजीपी) फरीदाबाद को एक नया आयाम देगा। इसके बनने से दिल्ली एनसीआर के कई शहरों से फरीदाबाद की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। एनएचएआई द्वारा कुंडली से लेकर पलवल तक 135 किमी लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। यह कुंडली से शुरू होने के बाद यह एक्सप्रेसवे गाजियाबाद होते हुए फरीदाबाद से होकर पलवल पहुंचता है। पलवल में यह रोड कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होता है। केजीपी का लगभग 37 किमी हिस्सा पलवल व फरीदाबाद में आता है। फरीदाबाद के लोगों गांव मौजपुर के पास टोल देने के बाद एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे।
ये काम करने की है जरूरत
1. मंझावली पुल का शिलान्यास हुए साढ़े 3 साल से अधिक समय हो गया है। पुल निर्माण जल्द पूरा कर इसे शहर से जोड़ने के लिए चौड़ी सड़क बनाने की जरूरत है, ताकि लोगों को पुल का असली लाभ मिल सके।
2. बाईपास रोड एनएचएआई को हैंडओवर किया जाना है, लेकिन अभी इस दिशा में धरातल पर काम नहीं हो पाया है। हूडा ने भी बाईपास का सौंदर्यीकरण करने के लिए कई योजनाएं बनाई थी, लेकिन एनएचएआई की ओर से कोई फैसला न लिए जाने के चलते योजनाएं सिरे नहीं चढ़ी पा रही हैं।
वर्जन
मंझावली पुल के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर कंपनी को काम अलॉट कर दिया गया है। मौके पर ग्राउंड लेवलिंग आदि का काम शुरू भी हो चुका है। पुल से फरीदाबाद तक सड़क को चौड़ा करने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए मीटिंगों का दौरा जारी है।
- राहुल सिंह, ईएक्सईएन पीडब्ल्यूडी
बाईपास रोड एनएचएआई को सौंपा जाना है। इसके लिए हमने दस्तावेज एनएचएआई को सौंप दिए हैं। आगे की कार्रवाई सरकार के स्तर पर होनी है।
- सतपाल दहिया, एसई हूडा
Construction begins for manjhawali bridge in may 18.
नवभारत टाइम्स |
Updated:
हाइवे पर एफओबी की संख्या होगी 19
हाइवे पर एफओबी बनाने के लिए एनएचएआई ने 7 जगह को चिह्नित कर काम शुरू कर दिया है। इसमें सेक्टर 29 टाटा शोरूम के पास, सेक्टर 19 में डीपीएस के पास, सेक्टर 16 में मैगपाई रिसॉर्ट के पास, सेक्टर 12 में हनुमान मंदिर के पास, बल्लभगढ़ अनाज मंडी के सामने, जेसीबी कंपनी के पास और सिकरी में गांव प्याला के लिए जाने वाले रास्ते शामिल हैं। एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर मोहम्मद शफी के अनुसार अगले 6 महीने मे इन फुट ओवरब्रिजों को तैयार कर लिया जाएगा। अभी एनएचएआई ने हाइवे पर सराय ख्वाजा में टोल प्लाजा के पास एक फुटओवर ब्रिज बनाया हुआ है। वहीं डीएमआरसी ने अपने सभी 9 मेट्रो स्टेशनों पर फुटओवर ब्रिज बनाए हुए हैं। मेट्रो स्टेशनों पर बने ये फुटओवर ब्रिज टिकट जोन से बाहर हैं और लोग इन्हें हाइवे पार करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा बल्लभगढ़ मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत भी गुड़ियर चौक और बल्लभगढ़ बस अड्डे के पास फुटओवर ब्रिज बनाए जा रहे हैं। इस तरह से हाइवे पर फुटओवर ब्रिजों की संख्या 19 हो जाएगी।
नैशनल हाइवे की तर्ज पर डिवेलप होगा बाईपास रोड
हूडा के बनाए सेक्टर 37 से 59 तक लगभग 26 किमी लंबे बाईपास रोड नहर पार बसे दर्जनों गांवों, कॉलोनियों, सेक्टरों व सोसायटियों के लिए लाइफ लाइन का काम करता है। सीएम मनोहर लाल ने बाईपास रोड को एनएचएआई को हैंडओवर करने की घोषणा की थी। हूडा ने इसके लिए रोड संबंधित सभी दस्तावेज एनएचएआई को सौंप दिए हैं। एनएचएआई द्वारा टेकओवर करने के बाद बाईपास रोड के चौराहों पर अंडरपास व फ्लाईओवर बनाकर इसका सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
बल्लभगढ़ तक पहुंचेगी मेट्रो
फरीदाबाद मेट्रो का विस्तार बल्लभगढ़ तक किया जा रहा है। बल्लभगढ़ तक मेट्रो के विस्तार में लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इस कॉरिडोर में दो मेट्रो स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिसमें एक एनसीबी कॉलोनी और दूसरा बल्लभगढ़ बस अड्डे में बन रहा है। कॉरिडोर का सिविल वर्क अंतिम चरण में है और ट्रैक बिछाने, बिजली की तार लगाने व सिग्नल का काम भी चल रहा है। मेट्रो स्टेशनों को हाइवे के दूसरी तरफ बनने वाली पार्किंग से जोड़ने के लिए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू हो जाएगा। इस प्रॉजेक्ट को पूरा करने के लिए डीएमआरसी ने सितंबर 2018 की डेडलाइन तय की हुई है।
ग्रेटर फरीदाबाद व सिकरी तक प्रस्तावित है मेट्रो
मास्टर प्लान 2031 में मेट्रो का विस्तार भी शामिल किया गया है। मास्टरप्लान के अनुसार मेट्रो का विस्तार बल्लभगढ़ से आगे सीकरी तक रखा गया है। वहीं ग्रेटर फरीदाबाद के 75 मीटर चौड़े मास्टर रोड के साथ सेक्टर 87, 88, 89, 84, 83, 78, 77, 72, 71 तक मेट्रो पहुंचाने की प्लानिंग शामिल है। इसके अलावा आईएमटी के सेक्टर 68, 67 और सेक्टर 66 को मेट्रो से जोड़ने का प्रस्ताव भी है। साथ ही यमुना नदी पर दो पुल बनाने का प्रस्ताव शामिल है, जिन्हें शहर से कनेक्ट करने के लिए 90 मीटर चौड़ी सड़कें बनाई जाएंगी। ये सड़कें सेक्टर 92 और 95 की आउटर रोड पर आकर कनेक्ट होंगी।
चंद मिनटों में होगा मंझावली पुल से ग्रेनो तक का सफर
नोएडा से फरीदाबाद को जोड़ने के लिए 24 किमी लंबी परियोजना पर काम होना है। 19 किमी सड़क हरियाणा और 5 किमी यूपी में बनाई जानी है। मंझावली में यमुना नदी पर 630 मीटर लंबा फोर लेन पुल बनना है। पुल के निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी ने 122.48 करोड़ रुपये के टेंडर जारी कर काम अलॉट कर दिया है। काम पूरा करने के लिए 15 महीने की समय सीमा तय की गई है। पुल बनने से ग्रेटर नोएडा व फरीदाबाद के बीच की दूरी चंद मिनटों की रह जाएगी।
फरीदाबाद को एनसीआर के कई शहरों से कनेक्ट करेगा केजीपी
कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेसवे (केजीपी) फरीदाबाद को एक नया आयाम देगा। इसके बनने से दिल्ली एनसीआर के कई शहरों से फरीदाबाद की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। एनएचएआई द्वारा कुंडली से लेकर पलवल तक 135 किमी लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। यह कुंडली से शुरू होने के बाद यह एक्सप्रेसवे गाजियाबाद होते हुए फरीदाबाद से होकर पलवल पहुंचता है। पलवल में यह रोड कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होता है। केजीपी का लगभग 37 किमी हिस्सा पलवल व फरीदाबाद में आता है। फरीदाबाद के लोगों गांव मौजपुर के पास टोल देने के बाद एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे।
ये काम करने की है जरूरत
1. मंझावली पुल का शिलान्यास हुए साढ़े 3 साल से अधिक समय हो गया है। पुल निर्माण जल्द पूरा कर इसे शहर से जोड़ने के लिए चौड़ी सड़क बनाने की जरूरत है, ताकि लोगों को पुल का असली लाभ मिल सके।
2. बाईपास रोड एनएचएआई को हैंडओवर किया जाना है, लेकिन अभी इस दिशा में धरातल पर काम नहीं हो पाया है। हूडा ने भी बाईपास का सौंदर्यीकरण करने के लिए कई योजनाएं बनाई थी, लेकिन एनएचएआई की ओर से कोई फैसला न लिए जाने के चलते योजनाएं सिरे नहीं चढ़ी पा रही हैं।
वर्जन
मंझावली पुल के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर कंपनी को काम अलॉट कर दिया गया है। मौके पर ग्राउंड लेवलिंग आदि का काम शुरू भी हो चुका है। पुल से फरीदाबाद तक सड़क को चौड़ा करने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए मीटिंगों का दौरा जारी है।
- राहुल सिंह, ईएक्सईएन पीडब्ल्यूडी
बाईपास रोड एनएचएआई को सौंपा जाना है। इसके लिए हमने दस्तावेज एनएचएआई को सौंप दिए हैं। आगे की कार्रवाई सरकार के स्तर पर होनी है।
- सतपाल दहिया, एसई हूडा
मेडिकल कॉलेज में बनेगा लघु खेल परिसर ESI FARIDABAD
फ्लैग-मार्च तक तैयार करने का रखा गया लक्ष्य, क्रिकेट के लिए दो पिच,
लॉन टेनिस, वॉलीबॉल सहित कई अन्य खेलों के लिए कोर्ट तैयार होंगे
फरीदाबाद। वरिष्ठ संवाददाता
कर्मचारी राज्य बीमा निगम चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के विजन 2016 के तहत कॉलेजों में लघु खेल परिसर तैयार किया जएगा। इसका मुख्य मकसद मेडिकल की पढ़ाई करने वाले प्रत्येक विद्यार्थियों को आउट डोर खेल गतिविधियों की सुविधाएं मुहैया कराना है। छात्रों के लिए क्रिकेट के नेट अभ्यास के लिए दो पिच, लॉन टेनिस, वॉलीबॉल सहित कई अन्य खेलों के लिए कोर्ट तैयार किए जाएंगे। सब-कुछ ठीक रहा तो इसे अगले वर्ष मार्च के अंत तक शुरू कर दिया जाएगा। इस पर करीब 25 लाख रुपये की लागत आने की संभावना है।
तीन नंबर अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग के पास करीब तीन एकड़ जमीन पर लघु खेल परिसर को तैयार किया जा रहा है जिसमें यहां पढ़ने वाले छात्रों के लिए वॉलीबाल, लॉन टेनिस, बास्केटबॉल, बैडमिंटन कोर्ट और क्रिकेट के अभ्यास के लिए दो सीमेंटेड पिच तैयार की जा रही है। इसे तैयार करने की जिम्मेदारी दिल्ली के एक नामचीन कंपनी को टेंडर के माध्यम से दी गई है। वर्ष 2018 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, क्रिकेट मैच नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे।
लॉन टेनिस और वॉलीबाल का एक ही मैदान होगा
लघु खेल परिसर में जगह कम होने के कारण लॉन टेनिस और वॉलीबॉल का एक ही मैदान बना जाएगा। जरूरत के अनुसार लॉन टेनिस के नेट को हटाया जा सकता है। इसकी जगह वॉलीबाल का नेट लगाया जा सकता है। कॉलेज के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यहां इसे आधुनिक तकनीक से तैयार किया जा रहा है।
कॉलेज में तीसरा सत्र शुरू
चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल में तीसरा सत्र सितंबर में शुरू हो गया है। कॉलेज में प्रत्येक वर्ष 100 नए छात्रों का प्रतियोगिता के माध्यम से दाखिला हो चुक है। मेडिकल काउंसिल के नियमों के अनुसार छात्रों को पढ़ाई के साथ सप्ताह में न्यूनतम तीन दिनों तक 45 मिनट तक योग और खेल गतिविधियों में भी हिस्सा लेना अनिवार्य है जिससे छात्रों को पढ़ाई के दौरान तनावमुक्त रखा जा सके।
यहां इंडोर खेल की भी सुविधाएं
प्रशासनिक भवन में जिम के पास छात्रों के लिए इंडोर खेलों की भी सुविधाएं उपलब्ध हैं। शाम में कोई भी छात्र टीटी, बैडमिंटन और कैरम खेल सकते हैं। बताया जा रहा है कि परिसर में बैडमिंटन के लिए एक और कोर्ट तैयार किया जा सकता है।
फरवरी में शुरू हो चुका है जिम
मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक भवन में आधुनिक उपकरणों से लैस करीब एक करोड़ की लागत से जिम शुरू किया गया। यहां सुबह-शाम विद्यार्थी तनाव दूर करने के लिए आते हैं। जिम में कॉलेज की ओर से एक ट्रेनर है जो यहां व्यायाम के लिए आने वाले छात्रों को प्रशिक्षित करता है।
प्रत्येक छात्र को एक खेल में भाग लेना होगा अनिवार्य
मेडिकल काउंसिल के नियमों के लिए यहां पढ़ने वाले प्रत्येक छात्रों को एक खेल और अन्य गतिविधियों में भाग लेना अनिवार्य होगा। इन्हें प्रशिक्षित करने के लिए एक कोच को भी तैनात किया जा सकता है। लघु खेल परिसर तैयार होने के बाद कोच को अनुबंध पर तैनात किया जा सकता है।
मेडिकल कॉलेज के रजिस्टार डॉ. एके पांडे : लघु खेल परिसर को मार्च तक शुरू करने की योजना है। इसे शुरू होने के बाद विद्यार्थी अपनी पसंद के खेल को चुन सकते हैं। वहीं, खेल के लिए कुछ समय निर्धारित कर दिया जाएगा।
महत्वपूर्ण बातें
- 27 फरवरी 09 में शिलान्यास
- फरवरी 2010 में नक्शा पास
- फरवरी 2012 तक पूरा करने का लक्ष्य
- अगस्त 2015 पहला सत्र शुरू
कॉलेज में कुछ छात्र : 300
फरीदाबाद। वरिष्ठ संवाददाता
कर्मचारी राज्य बीमा निगम चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के विजन 2016 के तहत कॉलेजों में लघु खेल परिसर तैयार किया जएगा। इसका मुख्य मकसद मेडिकल की पढ़ाई करने वाले प्रत्येक विद्यार्थियों को आउट डोर खेल गतिविधियों की सुविधाएं मुहैया कराना है। छात्रों के लिए क्रिकेट के नेट अभ्यास के लिए दो पिच, लॉन टेनिस, वॉलीबॉल सहित कई अन्य खेलों के लिए कोर्ट तैयार किए जाएंगे। सब-कुछ ठीक रहा तो इसे अगले वर्ष मार्च के अंत तक शुरू कर दिया जाएगा। इस पर करीब 25 लाख रुपये की लागत आने की संभावना है।
तीन नंबर अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग के पास करीब तीन एकड़ जमीन पर लघु खेल परिसर को तैयार किया जा रहा है जिसमें यहां पढ़ने वाले छात्रों के लिए वॉलीबाल, लॉन टेनिस, बास्केटबॉल, बैडमिंटन कोर्ट और क्रिकेट के अभ्यास के लिए दो सीमेंटेड पिच तैयार की जा रही है। इसे तैयार करने की जिम्मेदारी दिल्ली के एक नामचीन कंपनी को टेंडर के माध्यम से दी गई है। वर्ष 2018 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, क्रिकेट मैच नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे।
लॉन टेनिस और वॉलीबाल का एक ही मैदान होगा
लघु खेल परिसर में जगह कम होने के कारण लॉन टेनिस और वॉलीबॉल का एक ही मैदान बना जाएगा। जरूरत के अनुसार लॉन टेनिस के नेट को हटाया जा सकता है। इसकी जगह वॉलीबाल का नेट लगाया जा सकता है। कॉलेज के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यहां इसे आधुनिक तकनीक से तैयार किया जा रहा है।
कॉलेज में तीसरा सत्र शुरू
चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल में तीसरा सत्र सितंबर में शुरू हो गया है। कॉलेज में प्रत्येक वर्ष 100 नए छात्रों का प्रतियोगिता के माध्यम से दाखिला हो चुक है। मेडिकल काउंसिल के नियमों के अनुसार छात्रों को पढ़ाई के साथ सप्ताह में न्यूनतम तीन दिनों तक 45 मिनट तक योग और खेल गतिविधियों में भी हिस्सा लेना अनिवार्य है जिससे छात्रों को पढ़ाई के दौरान तनावमुक्त रखा जा सके।
यहां इंडोर खेल की भी सुविधाएं
प्रशासनिक भवन में जिम के पास छात्रों के लिए इंडोर खेलों की भी सुविधाएं उपलब्ध हैं। शाम में कोई भी छात्र टीटी, बैडमिंटन और कैरम खेल सकते हैं। बताया जा रहा है कि परिसर में बैडमिंटन के लिए एक और कोर्ट तैयार किया जा सकता है।
फरवरी में शुरू हो चुका है जिम
मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक भवन में आधुनिक उपकरणों से लैस करीब एक करोड़ की लागत से जिम शुरू किया गया। यहां सुबह-शाम विद्यार्थी तनाव दूर करने के लिए आते हैं। जिम में कॉलेज की ओर से एक ट्रेनर है जो यहां व्यायाम के लिए आने वाले छात्रों को प्रशिक्षित करता है।
प्रत्येक छात्र को एक खेल में भाग लेना होगा अनिवार्य
मेडिकल काउंसिल के नियमों के लिए यहां पढ़ने वाले प्रत्येक छात्रों को एक खेल और अन्य गतिविधियों में भाग लेना अनिवार्य होगा। इन्हें प्रशिक्षित करने के लिए एक कोच को भी तैनात किया जा सकता है। लघु खेल परिसर तैयार होने के बाद कोच को अनुबंध पर तैनात किया जा सकता है।
मेडिकल कॉलेज के रजिस्टार डॉ. एके पांडे : लघु खेल परिसर को मार्च तक शुरू करने की योजना है। इसे शुरू होने के बाद विद्यार्थी अपनी पसंद के खेल को चुन सकते हैं। वहीं, खेल के लिए कुछ समय निर्धारित कर दिया जाएगा।
महत्वपूर्ण बातें
- 27 फरवरी 09 में शिलान्यास
- फरवरी 2010 में नक्शा पास
- फरवरी 2012 तक पूरा करने का लक्ष्य
- अगस्त 2015 पहला सत्र शुरू
कॉलेज में कुछ छात्र : 300
हिन्दुस्तान टीम, फरीदाबाद
- Last updated: 25 नबम्बर, 2017 7:26 PM
expressway accident
mathura road 9.11.17
सुबह आठ बजे हुआ हादसा :
गुरुवार की सुबह मौसम के बदलाव से भारी मात्रा में पड़ी धुंध वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गई। धुंध से वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। इसके अलावा जनजीवन पर काफी प्रभाव दिखाई दिया। वाहन काफी धीमी गति से चल रहे थे। खासतौर से हाईवे पर स्थिति नाजुक थी, लेकिन धुंध में जिसका डर था, वो ऐसी ही एक घटना गांव आल्हापुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के फ्लाईओवर पर सुबह करीब आठ बजे घट गई, जिसमें करीब 20 वाहन आपस में टकरा गए।
yamuna expressway 8.11.17
सुबह आठ बजे हुआ हादसा :
गुरुवार की सुबह मौसम के बदलाव से भारी मात्रा में पड़ी धुंध वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गई। धुंध से वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। इसके अलावा जनजीवन पर काफी प्रभाव दिखाई दिया। वाहन काफी धीमी गति से चल रहे थे। खासतौर से हाईवे पर स्थिति नाजुक थी, लेकिन धुंध में जिसका डर था, वो ऐसी ही एक घटना गांव आल्हापुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के फ्लाईओवर पर सुबह करीब आठ बजे घट गई, जिसमें करीब 20 वाहन आपस में टकरा गए।
yamuna expressway 8.11.17
लिंग्याज में आधुनिक प्रयोगशाला विकसित
ग्रेटर फरीदाबाद स्थित लिंग्याज यूनिवर्सिटी में इंटनेल आईटीओ प्रयोगशाला
विकसित की गई है। बेंग्लुरु की प्रसिद्ध कंप्यूटर कंपनी इंटेल एवं फाउंडेशन
फॉर इनोवेशन एवं कोलोब्रेटिव एजुकेशन (एफआईसीई) के सहयोग से तैयार हुई इस
प्रयोगशाला में इंजीनियरिंग और विज्ञान के छात्र आधुनिक प्रोजेक्टों पर
कार्य कर सकेंगे। फरीदाबाद में इस तरह की पहली प्रयोगशाला है। ये जानकारी
लिंग्याज यूनिवर्सिटी के उपकुलपति (आरएंडडी) डॉ. जीवी रामाराजु ने दी।
उन्होंने बताया कि 21 अगस्त से विश्वविद्यालय परिसर में एक सप्ताह की
कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें इस प्रयोगशाला के बारे में जानकारी
दी जाएगी। डॉ. रामाराजु ने बताया कि संबंधित तकनीक की जानकारी छात्रों को
देने के लिए कंपनी के वरिष्ठ प्रशिक्षक भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम का
उद्घाटन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. पिचेश्वर गड्डे करेंगे। मौके पर कुलपति
डॉ. आरके चौहान एवं उपकुलपति डॉ. अशोक अरोड़ा विशेष अतिथि रहेंगे। आरएंडडी
के एसोसिएट डीन डॉ. आलोक अग्रवाल ने बताया कि प्रयोगशाला में छात्र आधुनिक
तकनीक के जरिए नए अनुसंधान कर सकेंगे, जिससे वैज्ञानिक खोज को बढ़ावा
मिलेगा।
तिगांव में बनेगा 30 बेड का आधुनिक अस्पताल
प्रदेश सरकार ने तिगांव के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
मुहैया कराने के लिए 30 बेड का अस्पताल बनाने का निर्णय लिया। इसका
प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही विभाग के उच्च अधिकारियों को भेज दिया जाएगा।
सबकुछ ठीक रहा तो इसका निर्माण कार्य इसी वित्त वर्ष से शुरू कर दिया
जाएगा।
बादशाह खान अस्पताल में मरीजों की संख्या कम करने के लिए औद्योगिक नगरी में तीसरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले नहरपार खेड़ीकला और कोराली में खुला हुआ है। तीसरा केंद्र तिगांव में खोलने का निर्णय लिया गया है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इसके लिए जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। पिछले सप्ताह स्वास्थ्य विभाग की टीम जगह की पहचान के लिए गई थी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को ही अपडेट कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तबदील कर दिया जाएगा।
डेढ़ लाख की आबादी पर होता है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
विश्व स्वास्थ्य संगठन के नियमों के अनुसार डेढ़ लाख की आबादी पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होना चाहिए। यहां की आबादी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही यहां न्यूनतम छह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी खोला जाएगा। जिसमें एक सामान्य रोग डॉक्टर को तैनात किया जाएगा।
मरीजों को क्या मिलेगा लाभ
इसे शुरू होने के बाद यहां रहने वाले लोगों को बल्लभगढ़ और बादशाह खान अस्पताल नहीं आना होगा। यहां मरीजों को 24 घंटे सुविधाएं मिलने लगेंगी। इसके साथ ही यहां आधुनिक उपकरणों से लैस माइनर ऑपरेशन थिएटर, प्रसूति की सुविधाएं और एक दर्जन से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर यहां मौजूद होंगे।
नवजात शिशु के जांच के लिए होगी अलग सुविधाएं
प्रसूति के तुरंत बाद कुछ बच्चों का न्यूनेटल केयर यूनिट (नीकू) में रखा जाता है। इन बच्चों को उपचार के लिए बीके अस्पताल लाना पड़ता है। इसे शुरू होने के बाद ऐसे दो बच्चों को वहां रखा जा सकता है। इसके साथ नवजात को टीका लगाने की भी सुविधाएं उपलब्ध होगी।
कौन करेगा नक्शा तैयार
तिगांव में बनने वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नक्शा बनाने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को सौंपी जा सकती है। इसका खाका तैयार कर 15 दिनों के अंदर विभाग के उच्च अधिकरियों को भेजना है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
http://www.livehindustan.com/news/ncr/article1-tiganv-30-beds-hospital-facilities-soon-547766.html
बादशाह खान अस्पताल में मरीजों की संख्या कम करने के लिए औद्योगिक नगरी में तीसरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले नहरपार खेड़ीकला और कोराली में खुला हुआ है। तीसरा केंद्र तिगांव में खोलने का निर्णय लिया गया है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इसके लिए जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। पिछले सप्ताह स्वास्थ्य विभाग की टीम जगह की पहचान के लिए गई थी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को ही अपडेट कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तबदील कर दिया जाएगा।
डेढ़ लाख की आबादी पर होता है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
विश्व स्वास्थ्य संगठन के नियमों के अनुसार डेढ़ लाख की आबादी पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होना चाहिए। यहां की आबादी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही यहां न्यूनतम छह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी खोला जाएगा। जिसमें एक सामान्य रोग डॉक्टर को तैनात किया जाएगा।
मरीजों को क्या मिलेगा लाभ
इसे शुरू होने के बाद यहां रहने वाले लोगों को बल्लभगढ़ और बादशाह खान अस्पताल नहीं आना होगा। यहां मरीजों को 24 घंटे सुविधाएं मिलने लगेंगी। इसके साथ ही यहां आधुनिक उपकरणों से लैस माइनर ऑपरेशन थिएटर, प्रसूति की सुविधाएं और एक दर्जन से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर यहां मौजूद होंगे।
नवजात शिशु के जांच के लिए होगी अलग सुविधाएं
प्रसूति के तुरंत बाद कुछ बच्चों का न्यूनेटल केयर यूनिट (नीकू) में रखा जाता है। इन बच्चों को उपचार के लिए बीके अस्पताल लाना पड़ता है। इसे शुरू होने के बाद ऐसे दो बच्चों को वहां रखा जा सकता है। इसके साथ नवजात को टीका लगाने की भी सुविधाएं उपलब्ध होगी।
कौन करेगा नक्शा तैयार
तिगांव में बनने वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नक्शा बनाने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को सौंपी जा सकती है। इसका खाका तैयार कर 15 दिनों के अंदर विभाग के उच्च अधिकरियों को भेजना है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
http://www.livehindustan.com/news/ncr/article1-tiganv-30-beds-hospital-facilities-soon-547766.html
Subscribe to:
Posts (Atom)













